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वो ‘पंचम’ सुर का महारथी

आज हमारे प्यारे ‘पंचम दा’ का जन्मदिन हैं, आज ही के दिन (२७ जून १९३९ ) आर डी बर्मन यानी हम सब के चहेते पंचम का जन्म कोलकाता में हुआ था. कहते हैं कि सचिन देव बर्मन के घर पैदा हुए राहुल बचपन में पंचम सुर में रोते थे, प्यार से उनका नाम पंचम रख दिया गया. फिल्म संगीत के शाही खानदान के वारिस पंचम ने अपनी आखरी सांसें भी संगीत की दुनिया में लीं. हम उनके गानों को रोज़ ही सुनते हैं. आज भी वो गीत बासी नहीं लगते, आज भी वो गीत हमारी रूह को थिरकाते हैं, आज भी वो गीत हमारी आत्मा में कहीं रचे बसे हुए हैं. पेश करते हैं पंचम के 10 नायाब गीत.

 

१. तेरे बिना ज़िन्दगी से शिकवा तो नहीं (फिल्म : आंधी)

 

 

२. मुसाफिर हूँ यारों, न घर है न ठिकाना (फिल्म : परिचय )

 

३. चेहरा है या चाँद खिला (फिल्म : सागर )

 

४. हमें तुमसे प्यार कितना ये हम नहीं जानते (फिल्म : कुदरत )

 

५. गुम है किसी के प्यार में (फिल्म : रामपुर का लक्ष्मण )

 

६. ओ माझी रे ( फिल्म: खुशबू )

 

७. मेरा कुछ सामान ( फिल्म : इजाज़त )

 

८. ओ मेरे सोना रे ( फिल्म : तीसरी मंजिल )

 

९. हमें और जीने की चाहत न होती , अगर तुम न होते (फिल्म : अगर तुम न होते )

 

१0. ओ मेरे दिल के चैन, चैन आये मेरे दिल को दुआ कीजिये (फिल्म : मेरे जीवन साथी )

Yohaann Bhaargava
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Yohaann Bhaargava

Head - Business Development at SCRIPTORS
Movie Buff. Yohaann is a film critic with Jagran Prakashan Limited. He has been associated with Print and TV media as a branding professional. Presently he is a screenwriter trying to bring in some good scripts up for Bollywood. At Scriptors he works as a writer and handles business development.
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